Sunday, 22 May 2016

सैक्स से जुड़े ये अजीब रिवाज



यह दुनिया बहुत बड़ी है, जिसमें बहुत तरह के लोग बसते हैं। हर धर्म जाति समुदाय  की अपनी सोच, अपने कानून और परंपरा-मान्यताएं हैं जो किसी दूसरे शख्स को सुनने में बड़ी ही अजीब लगती हैं। लोगों के अजीबोगरीब अनुष्ठान आपको हैरान कर सकते हैं। 
अब बात शारीरिक संबंधों की ही करें। वैसे लोगों का कहना है कि ये दो आत्माओं का मिलन है जबकि कुछ लोगों के लिए सिर्फ मजा। आज हम आपको दुनिया के कुछ ऐसे सैक्स अनुष्ठानों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें जान कर आप दंग रह जाएंगे।
1. प्राचीन मिस्त्र के लोगों का विश्वास था कि नाइल नदी उनके देवता Atum के वीर्यपात से बनी है। इसी बात को आदर्श मानते हुए प्राचीन मिस्त्र निवासी नाइल नदी में जाकर हस्तमैथुन किया करते थे।
2. प्राचीन समय में मार्क्विसास द्वीप में बच्चों का अपने माता-पिता को सैक्स करते देखना आम बात थी। 
3. मिस्र की 'सिवा' जनजाति में होमोसेक्शुअल होना आम बात है। बल्कि नॉर्मल लोगों को यह शक की नजरों से देखा जाता है। 
4. दक्षिणी प्रशांत महासागर के मंगाइया द्वीप में बूढ़ी औरतें 13 साल के युवकों के साथ सैक्स करती हैं ताकि उन्हें समझाया जा सके कि अपने पार्टनर को किस तरह खुश रखना है।
5. इनिस बैग (Inis Beag) नाम के एक छोटे से द्वीप के पुरुष अपने अंडरवियर कभी नहीं उतारते। उनका मानना है कि सेक्स सेहत के लिए हानिकारक होता है।
6. कंबोडिया में Kreung जनजाति के लोग अपनी बेटियों के लिए 'Love Hut' बनाते हैं, जहां उनकी बेटी अपने मनचाहे पार्टनर के साथ संबंध स्थापित कर सकती है।
7. छत्तीसगढ़ के मुर्रिया (Muria) जनजाति के लोग ऐसे शयनगृहों का निर्माण करते हैं, जहां वो भावनात्मक रूप से जुड़े बिना किसी से भी संबंध स्थापित कर सकते हैं।
8. इंडोनेशिया में 'पोन महोत्सव' के दौरान आदमी अपनी पत्नी के अलावा किसी अन्य महिला के साथ सैक्स करने के लिए आजाद होता है। 
9. हवाई Hawaiian कल्चर में आदमी अपने सेक्स ऑर्गन का कोई न कोई नाम ज़रूर रखता है।
10. नेपाल की कई जनजातियों में एक महिला के बहुत सारे पति होते हैं और वह सबके साथ संबंध बनाती है।

वक्ष दिखेंगे चुस्त और फिट

क्या आप अपने बड़े वक्षो को लेकर शर्मिंदा हैं? तो चिंता छोड़ दीजिये और जो शारीर आपको मिला है उससे प्यार कीजिये। अपने आप पर विशवास रखे और लोगों के सामने पुरे आत्मविश्वास के साथ रहें। अपने आप को आकर्षित , विशवास से पूर्ण और अच्छे वस्त्र पहन कर अपने व्यक्तिव को नयी पहचान दें। अगर आप अपने वक्षो के नाप को लेकर चिंतित है तो आपको निचे कुछ टिप्स दी जा रही है जिससे आप अपने वक्षो को छोटा दिखा सकती हैं। वैसे ये औरत के शारीर का सबसे खूबसूरत अंग है जिसके लिए इतना सोचने की ज़रुरत नहीं।


हमेशा सही फिटिंग कि ब्रा ही पहने अगर आप चांहे तो किसी प्रोफेशनल की मदद भी ले सकती हैं जो आपको सही ब्रा चुनने मेऔर सही फिटिंग बता सकेंगे। हमेशा ब्रा ऐसी पहने जो वक्षो को छोटा दर्शाये। एक्सरसाइज या जॉगिंग करते वक़्त स्पोर्ट्स ब्रा पहने इससे वक्ष चुस्त और फिट दिखेंगे और वक्ष का ज्यादा मूवमेंट भी नहीं दिखेगा।हमेशा गहरे रंग का ब्लेजर या कपडे पहने गहरे रंग मेवक्ष छोटे दिखाई देते है और आप लम्बे और पतले भी दीखते हैं। बहार जाते वक़्त गहरे रंग के स्वेटर या टॉप पहने मौसम के अनुसार चुनाव करें। लौ कट टॉप ना पहने।

पुलोवर या कार्डिगन सबसे बेहतरीन चॉइस हो सकती है जो आपको आरामदायक और मॉडर्न फीलिंग देगा।आप वक्षो के लिए एक्सरसाइज भी कर सकते हैं जैसे पुल अप और पुश अप जो मसल्स को मजबूत कर वक्षो को छोटा करने मे मदद करता है।अपना वजन ना बढ़ने दें वजन बढ़ने से आपके वक्षो का नाप बढ़ जाता है। बड़े नेकलेस पहनने से बचें जिससे की औरो का ध्यान आप पर ना जाए। सुन्दर और छोटे नेकलेस पहने। एक दम चुस्त ब्लाउज या टॉप ना पहन बल्कि सही फिटिंग के कपडे पहनने की कोशिश करें जिससे आप खूबसूरत और आकर्षक दिखेंगी। फॉर्मल ड्रेस्सेस के लिए स्टाइलिश जैकेट पहने ।प्लैन गहरे रंग के कपड़ो पर फंकी जवेलेरी पहने । नए ट्रेंडी ड्रेस्सेस पहने जो के बाजार मेहर स्टाइल और रंगो मे मौजूद हैं जो के आपकी बॉडी पर अच्छे लगेंगे। आपका वार्डरॉब समय के साथ बदलते रहना चाहिए ट्रेंड के हिसाब से आप कपडे ख़रीदे चूज़ करें। जिससे आप हर दिन नयी लगें। जब आप अच्छे कपडे पहन कर आप दोस्तों के साथ बहार जाएंगी तो आप मे एक नया आत्मविश्वास आएगा और अपने आप को खूबसूरत महसूस करेंगी। अपनी ज़िन्दगी को खुल कर जियें क्योंकि एक ही ज़िन्दगी है।

गर्भनिरोधक गोलियों से परहेज करें (stop consuming birth control pills)

आप अपने जीवन में कुछ न कुछ ऐसा करती रही होंगी जिससे कि आपके वक्षों का आकार बड़ा हो गया है। कुछ महिलाएं नियमित तौर पर गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती रहती हैं, जिससे कि उनके स्तन बड़े हो जाते हैं। ये समस्या तब ज़्यादा होती हैं जब ये गर्भनिरोधक गोलियां हार्मोनल बेस की होती हैं। अगर आप गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करना चाहती ही हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें तथा उन्हें कोई नॉन हार्मोनल विकल्प सुझाने के लिए कहें।

कॉपर iud एक ऐसा ही विकल्प है, जिसका प्रयोग आप हॉर्मोन आधारित गर्भनिरोधक गोलियों के विकल्प के तौर पर कर सकती हैं। गर्भनिरोधकों के अलावा महिलाओं के स्तनों का आकार गर्भावस्था के दौरान भी काफी बड़ा हो जाता है। इसके अलावा जब महिलाएं अपने बच्चे को स्तनपान कराने लगती है, तो उसके शरीर में लैक्टिक एसिड की मात्रा बढ़ जाने की वजह से भी स्तनों का आकार बढ़ सकता है।

स्वस्थ खानपान (healthy diet)

अगर आप अपने शरीर को स्वस्थ तथा सुडौल रखना चाहती हैं तो सही खानपान इसके लिए काफी आवश्यक है। कुछ लोगों को यह ग़लतफ़हमी होती है कि अगर वे वसा युक्त स्वास्थ्यकर भोजन करेंगे तो वे मोटे हो जाएंगे। परन्तु ये बात हमेशा सही नहीं होती। अच्छा वसा आपके शरीर को नुकसान पहुंचाने की बजाय आपको स्वस्थ बनाता है और शरीर में वसा की एक परत भी तैयार करता है। अगर आप तले हुए भोजन तथा फ़ास्ट फ़ूड से बचकर रहे और सिर्फ विटामिन तथा मिनरल युक्त स्वास्थवर्धक भोजन का सेवन करें तो स्तनों का आकार घटाना काफी आसान हो जाएगा।

व्यायाम (exercise to make breasts small)

ऐसे कुछ ख़ास व्यायाम हैं जिनसे आपके स्तनों का आकार कम होता है। जिन महिलाओं के स्तन बड़े होते हैं, वे ढीले स्तनों की समस्या का शिकार होती हैं जिससे कि उनके वक्ष नीचे की ओर झूलने लगते हैं। अतः उन्हें ऐसा व्यायाम करना चाहिए जिससे कि उनके वक्ष ढीले होकर झूलने ना लगें। आप स्तनों को कसने के व्यायाम के बारे में अपनी डॉक्टर से सलाह ले सकती हैं। इससे आपके सौंदर्य में वृद्धि होगी तथा आप बाहर कहीं जाने की स्थिति में शर्माएंगी नहीं।

पुश अप ब्रा (push up bra to show breasts small)

जब आपके स्तन बड़े हो जाते तो वे झूलने लगते हैं, जो कि काफी अजीब लगता है। आप आजकल कई तरह के पुश अप ब्रा खरीद सकती हैं जिनसे आपके शारीरिक सौंदर्य में वृद्धि होती है। यहाँ तक कि जब आप काफी स्टाइलिश पश्चिमी परिधान पहनेंगी, तो भी आपके स्तन अजीब नहीं लगेंगे। अतः हमेशा सामान्य सूती के या एक कपडे के ब्रा खरीदने की बजाय पुश अप ब्रा ही खरीदें।

स्तनपान रोकें या कम करें (breastfeeding)

कई बच्चे २ वर्ष की आयु से ज़्यादा के हो जाने पर भी स्तनपान की प्रवृत्ति नहीं छोड़ते। अगर उनकी माँ भी उन्हें इसके लिए उत्साहित करती है और स्तनपान जारी रखती है, तो यह गलत है। हर माँ को एक निर्धारित समय के पश्चात अपने बच्चों को स्तनपान कराना बंद कर देना चाहिए। बच्चों को महिलाओं के स्तन के दूध का पोषण सिर्फ ६ महीनों तक चाहिए होता है। यह वह समय है, जब आपके स्तन बड़े होने के बावजूद आपको स्तनपान बंद नहीं करना चाहिए। पर ६ महीने के बाद आप अपने बच्चे को स्तनों के दूध के बजाय पैकेट वाला दूध पिला सकती हैं।

कपड़ों का चयन (choice of cloths)

अगर आप लोगों को अपने स्तनों की तरफ ध्यान देता हुआ नहीं देखना चाहती हैं तथा उन्हें छोटा दर्शाना चाहती हैं, तो कपडे इस दिशा में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर आपके स्तन बड़े हैं तो वी डिज़ाइन के कपडे पहनने से वे छोटे दिखेंगे। इसके अलावा कौल नैक तथा गले को ढकने वाली डिज़ाइन से भी आपके स्तन छोटे लगते हैं। जब भी आप धारीदार कपडे पहन रही हों, तो हमेशा वर्टीकल धारियों वाली डिज़ाइन ही पहनें। हॉरिजॉन्टल धारियों से परहेज करें क्योंकि इनसे आपके स्तन बड़े दिखते हैं। हलके रंग के कपडे न पहनें, क्योंकि इनसे आपका शरीर चौड़ा लगेगा जो कि आप निश्चित रूप से नहीं चाहेंगी। गाढ़े रंगों का चयन करें क्योंकि ये रंग सही होते हैं तथा आपके वक्षों को संतुलन देते हैं।
सही फिटिंग वाले कपडे पहनने से आपके स्तन चौड़े तथा बड़े नहीं लगते। ज़्यादा ढीले या ज़्यादा कसे हुए कपडे ना पहनें, बल्कि अपने सही नाप के कपड़ों का चयन करें।

Sunday, 17 April 2016

काम की 64 कला



स्त्री-पुरुष के मैथुन के 64 अंग हैं। इसकी गणना 64 कलाओ में की गई है। संभोग काल की आठ श्रेणियां मानी गई हैं और इन सभी आठ श्रेणियों के आठ-आठ भेद हैं, जिस कारण मैथुन 64 कलाओं की क्रिया है। \

संभोग काल की आठ श्रेणियां: 
1. आलिंगन 
2. चुंबन 
3. नाखून से नोंचना 
4. दांत से काटना 
5. संभोग के समय पुरुष द्वारा लिंग का नारी की योनि में प्रवेश
 6. संभोग के समय सी-सी की आवाज करना
7. स्त्री द्वारा विपरीत रति अर्थात संभोग के समय स्त्री का ऊपर होना
8. आप्राकृति जैसे मुख व गुदा मैथुन आलिंगन: परिचय बढ़ाने के लिए आलिंगन * पुरुष किसी बहाने स्‍त्री के शरीर से अपना शरीर स्पर्श करा दे

 * स्‍त्री एकान्त में हलके से अपना स्‍तन पुरुष के शरीर से सटा दे परिचय बढ़ने पर आलिंगन


 * अंधकार, भीड़ या एकान्त में मौका मिलते ही स्‍त्री-पुरुष का अधिक समय तक एक-दूसरे के सीने से चिपटना 


* एकांत मिलते ही पुरुष स्‍त्री को दीवार या खंभे के सहारे टिकाकर गले लगा ले प्रेम हो जाने के बाद खड़े-खड़े आलिंगन


 * पेड़ की लता के समान स्‍त्री पुरुष से लिपट कर चुंबन के लिए उसका चेहरा नीचे झुकाए। इसके बाद स्‍त्री पुरुष की बाहों में झूलते हुए उसे ऐसे देखे जैसे उसकी सुन्दरता निहार रही हो 

* स्‍त्री एक पैर पुरुष के पैर पर रखे एवं दूसरे से उसकी जांघ को लपेट ले। उस दौरान उसका एक हाथ पुरुष की पीठ पर हो और दूसरे हाथ से कंधे को झुकाती हुई पुरुष को चूमने का प्रयास करे लेटी व बैठी अवस्था में आलिंगन 


* स्‍त्री-पुरुष एक दूसरे के विपरीत लेट कर हाथ-पैरों को सहलाते हुए आलिंगन करें

 * स्‍त्री पुरुष की गोद में बैठ जाए या लेट जाए। उस समय सुध-बुध खोकर दोनों एक-दूसरे में इस तरह समा जाएं कि होश ही न रहे इनके अलावा भी आलिंगन के चार भेद बताए गए हैं 


* स्‍त्री पुरुष में से कोई एक या दोनों दूसरे की एक या दोनों जांघों को अपनी जांघ के बीच पूरी शक्ति से दबाए 

* स्‍त्री पुरुष के जांघ को अपनी जांघ से दबाती हुई, उसके शरीर में नाखून व दांत गड़ाए और उसे चूमते हुए उसके ऊपर चढ़ जाए 


* स्‍त्री अपने स्तनों से पुरुष के सीने को मसल दे। ऐसा लगे जैसे वह पुरुष के सीने से एकाकार होना चाहती है। फिर धीरे-धीरे वह उसके ऊपर चढ़ 
जाए 

* दोनों अपने होंठ व जीभ को एक-दूसरे के मुंह में डालकर सुध-बुध खो दे

महिलाओं के कामुक अंग



आज इस लेख में आपको किसी लड़की या महिला के साथ अपने शारीरिक सम्बन्धों को मधुरता से बनाने के लिए कुछ आवश्यक बातें लिख रहा हूँ यदि आप इन बातों को प्रयोग में लायेंगे.. तो निश्चित रूप से सम्भोग का सच्चा आनन्द ले पाएँगे।

कान Ears


कानों के चारों ओर चैतन्य नसों का जमावड़ा होता है, जो कान को उत्तेजना के प्रति अतिरिक्त चैतन्य बनाती हैं। अपनी ऊँगलियों से उन्हें हल्के से सहलाइए या खींचिए.. कान के पीछे की ओर चूमे और कान के निचले गुद्देदार हिस्से को हल्के से काटें.. इससे महिलाओं में उत्तेजना पूर्ण सनसनाहट का संचार होता है।
कई महिलाएँ अपने कान में जीभ फिरवाना पसंद नहीं करतीं.. लेकिन सौम्य तरीके से कान के चारों ओर जीभ घुमाना भी उनमें उत्तेजना का संचार करता है।

होंठ चूमना Lips

किसी महिला के लिए एक बड़ा ही टर्निंग प्वांइट होता है.. जब शारीरिक रिश्ते बन रहे होते हैं.. तो चुम्बन (kiss) ऐसी पहली क्रिया होती है.. जो सर्वप्रथम अस्वीकार की जाती है.. लेकिन इसमें देर नहीं करना चाहिए।
होंठ उत्तेजक नसों से लबालब भरे होते हैं। इन्हें तुरंत सीधे तौर पर इसलिए जीभ में नहीं डुबाना चाहिए। आपके सौम्यता से किए गए चुम्बन के द्वारा.. कामुकता में तीव्रता से परिवर्तन होता है।
सबसे पहले स्त्री के निचले होंठों पर अपनी जीभ फेरें.. फिर उसे अपने होंठों के बीच उसके होंठों को फंसाकर चूसें.. साथ ही उसे भी ऐसा करने दें।

जब आप उसे चुम्बन कर रहें हों.. तो अपने हाथ उसकी गर्दन पर रखें.. या फिर उसकी कमर या नितंबों पर.. या फिर इस दौरान उसके इन सभी जगहों पर हाथ फेर सकते हैं उसे यह दिखाने और जताने के लिए कि आप उससे कितना कुछ चाहते हैं।

गर्दन Neck

इसे चूमना, चाटना, सौम्य तरीके से काटना और हल्के से थपथपाना.. उसको सिसकने के मजबूर कर देता है.. लेकिन यहाँ जोर से नहीं काटना चाहिए.. क्योंकि यहाँ की त्वचा कट सकती है।

कंधे Shoulders

गर्दन की तरह कई महिलाएँ कंधों को चूमने और आलिंगन करने से काफी उत्तेजना का अनुभव करती हैं। पूर्व की तरह जो प्रक्रिया गर्दन में कर रहे हैं.. वही करते हुए कंधों तक आएँ ताकि उस पता चल सके कि आप कितने सेन्सुअल लवर हैं।

कोहनी Elbow

कोहनी के अन्दर की ओर चूमने से महिलाओं में हल्की उत्तेजना का संचार होता है। कोहनी के अन्दर की ओर की त्वचा कोमल होती है.. इस जगह हल्के से काटते हुए चुम्बन करते चले जाएँ.. और देखें.. इससे उसे कैसे आनन्द की अनुभूति होती है।

ऊँगलियाँ Fingers

महिलाओं की ऊँगलियाँ भी काफी उत्तेजक होती हैं.. लेकिन ज्यादातर लोग इस ओर ध्यान नहीं देते। ऊँगलियों के पोरों को हल्के-हल्के सहलाते हुए दबाने से महिलाओं में तीव्र उत्तेजना का संचार होता है.. साथ ही जैसे-जैसे उत्तेजना बढ़ती जाती है आपको उसकी ऊँगलियों को अपने होंठों के बीच ले जाना चाहिए। फिर अपने होंठों से सहलाते हुए धीरे-धीरे चूसना चाहिए।
इस क्रिया से वह नशे की सी स्थिति में आ जाएगी। यहाँ यह जानना महत्वपूर्ण है कि ऊँगलियों में सर्वाधिक कामुक बिन्दु उसके पोर होते हैं।
स्तन Boobs
स्तन महिला के सेक्सुअल और कामुक अंगों में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। यह स्थान महिलाओं में सेक्सुअल आकांक्षा के साथ सेक्सुअल उत्तेजना जागृत करने में सहायक होता है.. साथ ही सम्भोग की उत्तेजना के लिए अत्यंत संवेदनशील होता है.. परन्तु इसके लिए सीधे छलांग नहीं लगा देनी चाहिए।
आप अपनी संगिनी के साथ सम्भोग के अपने रास्ते में चलते हुए उसके शरीर में नीचे की ओर जाते जाएँ व उन्हें सहलाते रहें.. लेकिन स्तनों को तब तक न छुएँ जब तक कि आपको यह न पता चल जाए कि वह स्वयं चाह रही है कि आप उसके स्तनों को छुएँ..
शुरुआती दौर में उसके साथ सौम्य तरीके से पेश आएँ। इसके लिए शुरुआत स्तनों के किनारे से करें.. फिर बहुत ही मुलायमियत और नरम तरीके से गोल घेरे में अपनी ऊँगलियाँ उसके स्तनों के चारों ओर घुमाएँ.. ऐसा तब तक करें कि जब तक कि आपकी ऊँगलियाँ स्तनों के निप्पल के चारों ओर के गुलाबी या भूरे रंग के गोल घेरे तक न पहुँच जाएँ..

SUNDAY SPECIAL-RANGEELA BABA

रिया जिसकी उमर 30 साल की थी उसका पति देल्ही मे नौकरी करता था. रिया गाओ मे अपने सास ससुर के साथ रहती थी. पूरा परिवार बेहद ग़रीब और अंधविश्वासी था. किसी को कुछ भी हो जाता तो वो सीधे साधु बाबओ के पास ही जाते. एक बार पास के गाओ मे ही एक साधु बाबा आए थे. जो कि बहुत ही ज़्यादा प्रसिद्ध थे. रिया की सास ये सुनते ही रिया को लेकर उस साधु बाबा के आश्रम मे गयी. थोड़ी देर बैठने के बाद इनका नंबर. आया. जब रिया और उसकी सास बाबा के पास पहुचे तो रिया की सास अपना दुखड़ा सुनाने लगी की हमारे घर मे पैसे नही रुकते और सभी बीमारियो से घिरे रहते है. और हमारा पोता भी नही होता. कुछ तो करो बाबा की हमारा परिवार सुख से रहे. बाबा ने रिया को देखकर पूछा कि ये सुंदरी कॉन है. रिया सुनते ही शरमा गयी. रिया की सास ने बताया कि बाबा ये हमारी बहू रिया है.
एक बात बताना भूल गया दोस्तो रिया की सास का नाम सरिता है…अब आगे…….
बाबा रिया को देखकर थोडा मुस्कुरा कर बोले कि रिया अपना हाथ दिखाओ .
रिया अपना हाथ दिखाने लगी. बाबा तो मस्ती से रिया का हाथ पाकर कर प्यार से सहला रहे थे. और सरिता से बोले कि आपके घर मे तो कोई सुखी से नही रहता. आपके घर मे कुछ तो है. इसलिए आपके घर मे एक पूजा करनी होगी जोकि 10 से 15 दिन मे पूरी होगी. सरिता थोड़ा दुखी होकर बोली कि बाबा इतने पैसे तो नही है हमारे पास कि आपसे 10 दिन तक पूजा करवा सके.
बाबा फिर रिया की तरफ देखते बोले कोई बात नही आप बस हमारा रहने का प्रवन्ध करवा दीजिएगा. हम आपके घर मे ही रहेंगे और पैसो की चिंता मत करिए. हम कोई पैसे नही लेंगे. हम तो सबको खुश देखना चाहते है. सरिता तो बहुत खुश हो गयी कि बाबा उनके घर पधारेंगे और पूजा के लिए कोई पैसे नही लेंगे……
सरिता ने फिर पूछा कि बाबा आप कब चलोगे हमारे घर..दोस्तो ये कहानी आप चुनमुनियाडॉटकॉम पर पढ़ रहे है
बाबा बोले कि एक काम करना आज रात को 8 बजे अपनी बहू को हमारे पास भेज देना. मैं उसी के साथ आ जाउन्गा और हम किसी को पता नही चलना चाहिए कि मैं तुम्हारे घर मे ठहरा हू वरना ये पूजा सफल नही होगी. सरिता हाँ मे हाँ मिलती हुई रिया को लेकर अपने घर चली गयी…
फिर रात को सरिता ने अपनी बहू को बाबा के पास भेजा. उसके घर से करीब 4किमी दूर था बाबा का आश्रम. रिया खेतो के बीच मे होते हुए बाबा के पास पहुचि. बाबा भी तैयार थे जाने के लिए.. रिया साड़ी पहनी हुई थी…बाबा ने रिया को देखकर खुश हुए और रिया के साथ चल दिए. बाबा ने रिया को आगे चलने को कहा और खुद रिया के पीछे पीछे चल रहे थे. दोनो खेतो के बीचो बीच चल रहे थे. दोनो तरफ गेहू की फसल लगी हुई थी.
अंधेरी रात थी. और रात के समय खेतो मे कोई और नही था सिर्फ़ रिया और बाबा ही चले जा रहे थे. बाबा रिया की पीछे से गंद देखते जा रहे थे. और रिया भी अपनी गंद मटकाते चली जा रही थी कि अचानक रिया का पैर फिसल गया और वो वही गिर गयी. उसके पैर मे मोच आ गयी थी. बाबा ने उसके पास गये और रिया से पूछा कि कही चोट तो नही लगी.
रिया बोली कि नही बाबा बस पैर मे थोड़ी मोच आ गयी है.
बाबा- बेटी तुम्हारे घर की दशा बहुत खराब चल रही है. अब मैं आ गया हू अब सब ठीक हो जाएगा. आओ तुम्हे उठा देता हू.
इतना बोलकर बाबा ने रिया की गंद पर हाथ रखकर रिया को उठाया लेकिन रिया से उठा नही जा रहा था. फिर बाबा रिया को अपनी गोद मे उठाकर उसके घर की तरफ ले जाने लगे. रिया को तो शरम लग रही थी लेकिन क्या करती. और बाबा तो मज़े मे एक हाथ से रिया की गंद को दबाए जा रहे थे. रिया तो अपने दर्द मे ही थी उसका इसपर ध्यान ही नही गया. आख़िरकार बाबा रिया के घर पहुच ही गये. बाबा रिया को बेड पर लिटाया. सरिता ये सब देखकर परेशान हो गयी कि रिया को क्या हो गया. सरिता ने बाबा से पूछा.
बाबा ने सरिता जो बताया कि इस पर भूतो का साया है. अगर मैं इसके साथ नही होता तो ये आज मर गयी होती. सरिता ये सुनते ही घबरा गयी. बाबा ने फिर बोला कि तेल से मालिश कर दो वो ठीक हो जाएगी. और कल रात से पूजा शुरू करेंगे. सरिता ने बाबा को खाना खिलाया और उपर वाले कमरे मे बाबा के आसान पर ले गयी जो एकदम एकांत मे कमरा था उधर कोई भी नही जाता था. और फिर सरिता रिया की मालिश करने लगी.दोस्तो ये कहानी आप चुनमुनियाडॉटकॉम पर पढ़ रहे है सुबह हुई रिया अपने घर के काम मे जुट गयी.अब रिया एकदम ठीक थी. सरिता बाबा के कमरे मे गयी जहाँ बाबा ध्यान मे मग्न थे. सरिता वही बैठी रही जब तक बाबा ने अपनी आँखे नही खोली. सरिता फिर बाबा के पैरो मे गिरकर पूजा करने लगी. बाबा थोड़ा गुस्से मे बोले ये क्या कर रही है मूर्ख. अपनी बहू को भी लेकर आ….वो मेरी पूजा नही करेगी.
सरिता डरते हुए बोली हम बाबा अभी लेकर आती हू सरिता रिया को लेकर बाबा के पास गयी. और दोनो ने बाबा की पूजा की. फिर शाम हुई और बाबा ने सरिता को बुलाया और सरिता से बोलने लगे कि रिया बेटी को मेरे पास इस कमरे मे 3 दिन के लिए रखना होगा और इस दौरान इस कमरे मे कोई नही आएगा. मैं उसके साथ पूजा करूँगा ताकि उसके उपर के सारे भूत प्रेत भाग जाए वरना वो कभी माँ नही बन पाएगी.
सरिता- ठीक है बाबा.
इतना बोल सरिता जाने लगी.
जैसे ही रात हुई सरिता रिया को बाबा के कमरे मे लेके आई.
बाबा ने सरिता को बोला कि जाओ रिया के सारे कपड़े लेकर आओ. और ये लो फोन जब भी ये फोन बजे तो तुम इस कमरे मे आ जाना.
सरिता बोली ठीक है बाबा और रिया के सारे कपड़े लेकर आई. फिर चली गयी.
बाबा ने रिया से बोला कि जाओ दरवाजा बंद करके आओ.
रिया दरवाजा बंद करके बाबा के पास आई..
बाबा ने रिया को अपने पास बिठाया और पूछा कि तुम्हारी शादी को कितने साल हुए.
रिया- जी 5 साल हो गये.
बाबा-तुम माँ बनना चाहती हो.
रिया- जी
बाबा- मैं तुम्हे जो कहूँगा वो करोगी तो तुम माँ बन जाओगी.
रिया बहुत खुश हो गयी..
रिया- जी बाबा मैं सब कुछ करूँगी जैसा आप कहोगे.
बाबा- ठीक है जो मैं बताउन्गा वो बिना शरमाये हुए बताना.
रिया- ठीक है बाबा पूछो…..
बाबा- तुमने इस वक़्त क्या पहना है.
रिया- जी साड़ी पहनी है दोस्तो ये कहानी आप चुनमुनियाडॉटकॉम पर पढ़ रहे है
बाबा- वो तो मैं भी जानता हू रिया. तुम अपने सारे कपड़े बताओ.
रिया- जी साड़ी पहनी है और ब्लाउस और पेटिकोट पहना है.
बाबा- अरे ये बताओ कि ब्रा, पेंटी पहनी हो कि नही.
रिया- नही बाबा वो तो नही पहना मैने.
बाबा- इसीलिए तो तुमपर भूत आ जाते है. तुम्हे तो हमेशा ब्रा और पेंटी पहननी चाहिए ताकि वो तुम्हारे अंदर ना आ सके.
चलो ब्रा और पेंटी पहनो और हाँ ये कपड़े उतारकर वो दुल्हन वाले कपड़े पहनो.
रिया – ठीक है बाबा मैं अभी पहना कर आती हूँ.
इतना कहकर रिया कपड़े लेकर कमरे से बाहर जाने लगती है तो बाबा उसे रोकते है और बोलते है कि रिया तुमको इस कमरे से 3 दिन तक बाहर नही जाना है.
रिया- लेकिन बाबा मैं आपके सामने कैसे कपड़े बदल सकती हू.
बाबा- अरे एक काम करो. तुम बेड पर सो जाओ और उपर से रज़ाई ओढ़ लो फिर रज़ाई के अंदर तुम कपड़े बदल लेना.
रिया- ठीक है बाबा.
इतना कहकर रिया बेड पर सोकर रज़ाई ओढ़ लेती है और अपने कपड़े उतारने लगती. रिया रज़ाई के अंदर अपनी साड़ी उतार कर बाबा को देती है. बाबा भी बेड पर बैठे होते हैं और रिया की साड़ी लेकर दूसरी तरफ रख देते है. फिर बाबा बोलते है.
बाबा- रिया अपना ब्लाउस उतारो.
रिया रज़ाई के अंदर से अपनी ब्लाउस उतार कर बाबा को देती है.
बाबा रिया की ब्लाउस को सूंघ कर रिया से बोलते है कि क्या सुगंध है रिया.
रिया ये सुनकर शरमा जाती है. फिर रिया अपना पेटिकोट खोलती है लेकिन उसके पेटिकोट का नाडा नही खुल पाता है और बाबा से बोलती है कि बाबा नाडा नही खुल रहा.
बाबा- मैं जानता हू रिया ये काम भूतो का है जो तुम्हारी चूत मे है .
चूत शब्द सुनकर रिया बहुत शरमा गयी. और अपनी आँखे बंद कर ली.
बाबा बोले कि चलो मैं मदद कर देता हूँ. और बाबा रज़ाई के अंदर हाथ डालकर रिया के पेट पर ले जाकर उसका नाडा खोलने लगते है. और उसी बहाने रिया की चुनमुनियां पर भी पेटिकोट के उपर से मसल्ने लगते है. और रिया के मूह से हल्की सी सिसकारी निकल जाती है.दोस्तो ये कहानी आप चुनमुनियाडॉटकॉम पर पढ़ रहे है
बाबा से भी रिया का पेटिकोट नही खुलता तो फिर बाबा कैची लेकर रिया के पेटिकोट का नाडा काट देते है. और उसका पेटिकोट निकाल देते है.
अब रिया रज़ाई के अंदर एक दम नंगी लेटी होती है. फिर साधु बाबा रिया के कपड़ों मे से उसकी पेंटी रिया को देकर कहते है कि लो रिया इस पेंटी को पहनकर अपनी चूत और गान्ड को ढक लो.
रिया- ठीक है बाबा.
ऐसे ही रिया को ब्रा भी देते है.
रिया- बाबा पेटिकोट भी दे दो.
बाबा- नही रिया अब तुम सिर्फ़ साड़ी पहनोगी तभी पूजा होगी.
रिया- ठीक है बाबा.
रिया अपनी ब्रा पेंटी पहनने के बाद उपर से साड़ी लपेट लेती है और फिर रज़ाई हटा देती है.
रिया एक दम माल लगती है. रिया की पीछे से पीठ खुली रहती है. और कमर एक दम नंगी दिखती है.
==============================


PART-2
साधु बाबा रिया का ये रूप देखकर मस्त हुए जा रहे थे. इतने मे रिया बोली कि बाबा अब क्या करना है
बाबा- रिया तुम तो एक दम परी लग रही हो
रिया- बाबा अगर मैं परी लगती तो मेरे पति मुझसे दूर थोड़े ही ना होते.


बाबा- बेटी मैं आ गया हू ना अब तुम्हारा पति भी आ जाएगा. चलो अपनी आँखे बंद करके खड़ी हो जाओ.
रिया अपनी आँखे बंद करके बेड पर खड़ी हो जाती है और इधर बाबा रिया की चुचि, पीठ, पेट और उसकी गान्ड निहारते है. फिर बाबा बोलते है कि रिया तुम इस बेड पर लेट जाओ पीठ बल.दोस्तो ये कहानी आप चुनमुनियाडॉटकॉम पर पढ़ रहे हैं
रिया बिना कुछ कहे बेड पर पीठ के बल लेट जाती है.
फिर बाबा रिया के पेट से उसकी सारी हटाते है और फिर अपने हाथ रिया के पेट पर चलाने लगते है. रिया भी अपनी सासे बढ़ाने लगती है. रिया की सांसो के साथ उसका पेट भी हिलने लगता है. फिर बाबा अपने फोन से सरिता( रिया की सास) को फोन लगाते है और उसको दूध की मलाई लाने को बोलते है. सरिता जल्दी से दूध के उपर की मलाई निकालती है और बाबा के कमरे के बाहर से दरवाजे पर नॉक करने लगती है. रिया जैसे ही बेड से उठती है कि बाबा उसे मना करते है .
रिया- बाबा मुझे इस हालत मे मेरी सास देखेंगी तो क्या सोचेंगी.
बाबा – रिया तुम नंगी तो नही हो???
रिया- नही बाबा लेकिन फिर भी मैने ना ही ब्लाउस पहनी है और ना ही सारी के अंदर पेटिकोट.
बाबा- तुम इसी तरह सोई रहो बर्ना पूजा सफल नही होगी…
रिया फिर से उसी अवस्था मे लेट जाती है. बाबा दरवाजा खोलते है और सरिता को अंदर बुलाते है और फिर दरवाजा बंद कर देते है.
बाबा- सरिता जी आपके पति सो गये
सरिता- हाँ बाबा.
फिर सरिता बाबा को मलाई देती है और रिया को देखती है जो सिर्फ़ ब्रा और सारी मे लेटी हुई थी.
सरिता- अरे रिया बहू को क्या हुआ बाबा ये ऐसे किस तरह लेटी है..
बाबा- घबराओ नही सरिता जी. इसके अंदर के भूतों को भगाना है ना इसीलिए ये सब करना पड़ा.
सरिता- कोई बात नही बाबा. जैसे आप करो लेकिन मेरी बहू को ठीक कर दो.
बाबा – ठीक है सरिता जी लेकिन आज रात आपको भी थोड़ा सहयोग करना पड़ेगा.
सरिता- हाँ बाबा बताइए मैं क्या कर सकती हू.
बाबा- आप बेड पर बैठ कर पूजा देखिए.
सरिता – ठीक है बाबा.
बाबा फिर मलाई को रिया के पेट पर गिराने लगते है. और मलाई को चारो तरफ हाथ से लगाने लगते है और फिर अपना मुँह रिया के पेट पर रखकर चाटने लगते है.
रिया तो एकदम पसीने मे चूर थी. ये सब रिया की सास सरिता भी देख रही थी. बाबा ने रिया के पेट से सारी मलाई सॉफ कर दी थी .बाबा का लंड भी एकदम खड़ा था. रिया का इतना नरम पेट साधु बाबा को चाटने को मिला था. ये सब सोच कर साधु बाबा एकदम मस्त थे.
साधु बाबा जब रिया के नरम पेट का स्वाद चख चुके थे तब बाबा ने फिर रिया को पलटने को बोला.
रिया भी बिना कुछ कहे पलट गयी. अब वो अपनी चुचियों के बल लेटी हुई थी. उसकी गान्ड उपर को उठी हुई थी. साधु बाबा उसकी ब्रा की पट्टियाँ और रिया की उभरती गान्ड को देख मस्त हुए जा रहे थे और हो भी क्यूँ ना इतनी कामुक जो लग रही थी रिया.
बाबा रिया की सास सरिता से बोले कि सरिता जी आप जाओ एक गिलास पानी लेकर आओ. और मैं रिया के अंदर जो भूत है उसकी सवारी करता हूँ.
सरिता हाँ मे हाँ मिलाकर पानी लाने चली गयी. इधर साधु बाबा रिया से बोले कि बेटी चुपचाप इसी तरह से लेटी रहना और मैं जो भी पुछु वो तुरंत जबाब देना.
रिया- जी बाबा
बाबा अब रिया की गान्ड पर बीचो बीच बैठ गए जैसे उसकी गान्ड मे अपना लंड डाले हुए और फिर रिया की सारी का पल्लू उसकी ब्रा के उपर से हटा कर उसकी कमर तक कर दी. दोस्तो ये कहानी आप चुनमुनियाडॉटकॉम पर पढ़ रहे हैंअब रिया अपनी कमर से उपर तक सिर्फ़ ब्रा मे ही थी और उसकी पीठ एकदम नंगी थी. बाबा का लंड रिया की गान्ड पर रगड़ मार रहा था. इतने मे रिया बोली कि बाबा जी मेरे नीचे कुछ चुभ रहा है.
बाबा- कहाँ बेटी
रिया- जी वो मेरे पीछे
बाबा- तुम्हारी पीठ पर.
रिया- नही बाबा उसके नीचे.
बाबा- अच्छा तुम्हारी गान्ड मे.
इतना सुनते ही रिया फिर से शरमा जाती है और कुछ नही बोलती है. इतने मे सरिता पानी लेकर आ जाती है और बाबा की तरफ गिलास बढ़ाती है.
बाबा जैसे ही पानी का गिलास लेते है कि लाइट चली जाती है.फिर बाबा सरिता को बोलते है
बाबा- सरिता जी जब तक मैं ना कहूँ आप लालटेन मत जलाना. और फिर बाबा अपनी जेब से एक नशे की गोली निकालकर पानी मे मिला देते है और सरिता को पीने को देते है. सरिता पानी पी लेती है और फिर बाबा उसको पास पड़ी कुर्सी पर बैठने को बोलते है. सरिता ठीक वैसा ही करती है जैसा बाबा जी बोलते है.
फिर इधर बाबा रिया से बोलते है कि बताओ बेटी तुम्हारी गान्ड मे चुभ रहा है.
रिया- जी बाबा
फिर बाबा अपनी धोती के उपेर से लंड को पकड़ कर रिया की गान्ड के उपर की तरफ करते है इसी बीच रिया की गान्ड को भी बाबा दबाने लगते है और रिया के मूह से सिसकारियाँ निकलने लगती है.
फिर बाबा रिया की पीठ पर अपनी छाती रखकर रिया के उपर सोते है. और इसी तरफ बाबा रिया के कान मे बोलते है.
बाबा- रिया बेटी तुम्हारी गान्ड मे अब तो चुभन नही हो रही.
रिया- नही बाबा अब ठीक है.
बाबा – लेकिन रिया मेरी छाती मे तो तुम्हारी ब्रा की पट्टी चुभ रही है.
रिया- तो क्या करूँ बाबा.
बाबा- रूको मैं इस पट्टी को खोल देता हू.
रिया- ठीक है बाबा जैसा आप चाहो.
बाबा रिया की ब्रा खोल देते है अब रिया की एक दम नंगी पीठ बाबा के सामने पड़ी थी. और बाबा रिया की गान्ड पर बैठ कर उसकी गान्ड के उपर से उसके चुतड़ों को दबाए जा रहे थे.
फिर बाबा रिया से बोले कि चलो ये ब्रा अपनी चुचियों से भी निकाल दो ताकि भूत तुम्हारे अंदर क़ैद ना रहे.
रिया तुरंत अपनी ब्रा को अपने से अलग कर लेती है. अब रिया उपर से एकदम नंगी लेटी होती है उसकी चुचिया बेड के गद्दे से दबी होती है. बाबा फिर से रिया के उपर पहले की तरह ही लेट जाते है. और सरिता को आवाज़ देते है.
सरिता थोड़ा नशे मे होती है और वो आवाज़ सुनते ही बाबा के पास जाती है. बाबा बोलते है सरिता जी लालटेन जला दो. सरिता लालटेन को जला देती है.
वाह इस हल्की सी रोशनी मे रिया एकदम कयामत ढा रही थी.साधु बाबा तो रिया को और जकड कर पकड़ के उसके उपर लेटे रहे और अपने लंड को उपर से ही रिया की गान्ड पर रगड़ रहे थे. सरिता ये सब नशे की हालत मे देख रही थी.
बाबा रिया के कान मे बोले रिया अपनी आँखे खोलो
रिया- मुझे शरम आ रही है.
बाबा – तुम्हारी चुचिया नंगी है इस लिए
रिया- हाँ बाबा पहले कभी पराए मर्द के सामने ऐसे नही लेटी हूँ.
बाबा- मैं पराया हूँ???
रिया- नही बाबा आप तो मुझे ठीक कर रहे हो.
बाबा- तो जैसा मैं बोलता हू वैसा करो फिर.दोस्तो ये कहानी आप चुनमुनियाडॉटकॉम पर पढ़ रहे हैं
रिया- ठीक है बाबा.
इतना बोल रिया अपनी आँखे खोलती है और बाबा उसकी आँखो मे देख कर बोलते है रिया तुम तो बहुत सुंदर हो.
रिया- सच में
बाबा- हाँ रिया सच में.
सरिता ये सब नशे मे देखे जा रही थी.
साधु बाबा रिया की गान्ड की गर्मी अपने लंड पर महसूस कर रहे थे. और वो रिया से बाते भी कर रहे थे
बाबा- अच्छा रिया तुम्हारी चुचियों पर कितने नंबर. की ब्रा आती है.
रिया- जी 32बी नंबर. की
बाबा- नही तुम झूठ बोल रही हो.
रिया- नही बाबा जी मैं एकदम सच बोल रही हूँ. जब आपको यकीन नही आता तो देख लीजिए.
बाबा- ठीक है दिखाओ.
रिया फिर से पलट जाती है अब उसकी चुचियाँ बाबा के एकदम सामने होती है. और फिर बाबा भी अपने हाथ रिया की चुचियो पर ले जाकर मसल्ने लगते है.
रिया बोलती है ये क्या कर रहे हो बाबा.
बाबा- बेटी साइज़ का अनुमान लगा रहा था. तुम सच बोल रही थी.
अच्छा रिया बेटी अब टाइम हो गया है भूतो के आने का अब पूजा शुरू करनी है.
रिया फिर उठकर अपनी ब्रा ढूँढने लगती है बेड पर.
साधु बाबा- क्या ढूँढ रही हो बेटी.
रिया- वो ब्रा देख रही थी बाबा.
बाबा- रहने दो बेटी उसकी ज़रूरत नही है ऐसे ही ठीक है.
रिया- लेकिन
बाबा इतने मे गुस्से से बोले तुम मेरी बात को काट रही हो बेटी.
रिया डरते हुए हाथ जोड़कर माफी मांगती है और बोलती है ग़लती हो गयी बाबा अब आप जैसा बोलोगे वैसा ही करूँगी.
बाबा- चल अपनी पेंटी निकाल ताकि भूतो को तेरे अंदर से निकालु. रिया फिर अपने उपर रज़ाई ओढती है ताकि रज़ाई के अंदर से अपनी पेंटी निकाल सके. तभी बाबा बोलते है अरे ये क्या कर रही हो रिया.
रिया- जी आपने तो पेंटी निकालने को बोला था.
बाबा रज़ाई हटा कर बोलते है अरे रिया बेटी तुम्हे रज़ाई की क्या ज़रूरत है. तुम लेट जाओ मैं तुम्हारे अंदर हाथ डालकर निकाल देता हू.
रिया- ठीक है बाबा
इतना बोलकर रिया लेट जाती है. बाबा तो बस रिया की उछलती हुई चुचियों को ही देखे जा रहे थे. बाबा अभी भी रिया की चुचियों मे ही खोए हुए थे.कि रिया बोली बाबा बाबा लेट गई हूँ अब आप निकाल दो मेरी पेंटी.
बाबा एकदम से रिया की आवाज़ सुनकर होश मे आए. और बोले घबराओ नही रिया अभी तुम्हारे अंदर हाथ डालकर तुम्हारी पेंटी निकालता हूँ.
फिर साधु बाबा रिया के पैरो की तरफ बैठ जाते है और रिया की सारी को रिया की जाँघो तक उपर कर देते है. फिर साधु बाबा सरिता को जो कि कुर्सी पर नशे की हालत मे बैठी थी उसको बेड पर बैठने को बोलते है. दोस्तो ये कहानी आप चुनमुनियाडॉटकॉम पर पढ़ रहे हैंसरिता बिना कुछ बोले बेड पर जाकर बैठ जाती है. इधर साधु बाबा बेड से उठकर कुर्सी को बेड के किनारे करके बैठ जाते है. और फिर रिया की दोनो नंगी टाँगे पकड़कर अपनी तरफ पीछे की ओर खिचते है. रिया की दोनो चुचिया गद्दे से रगड़ते हुए पीछे की ओर आ जाती है. साधु बाबा रिया की दोनो टाँगो के बीच मे होते है. रिया की साड़ी तो पहले से ही उसकी जाँघो तक खिसकी हुई होती है.अब साधु बाबा रिया की जाँघो के अंदर अपने दोनो हाथ ले जाते है और रिया की पेंटी को अंदर ढूँढने के बहाने से रिया की चूत और उसकी गान्ड के छेद को कई बार रगड़ देते है. रिया तो एकदम से चिहुक सी जाती है.
बाबा- क्या हुआ रिया.
रिया- बाबा अपने हाथ थोड़ा ओर उपर ले जाओ. मैं पेंटी थोड़ा उपर से पहनती हूँ.
बाबा अपने हाथ रिया की चूत से रगड़ते हुए उसकी पेंटी की एलास्टिक तक ले जाते है. फिर रिया से पूछते है अब ठीक है रिया.
रिया- हाँ बाबा .
फिर बाबा रिया की पेंटी को पकड़ कर नीचे की ओर खिचते है लेकिन रिया की गान्ड बेड से लगी होने के कारण उसकी पेंटी नही निकलती है तो बाबा रिया से कहते है कि बेटी अपनी गान्ड को उपर की तरफ उठाओ ताकि तुम्हारी पैंटी उतार सकूँ.


रिया बाबा की बात को सुनते ही अपनी गान्ड को थोड़ा उपर उठाती है . और तब बाबा उसकी पेंटी को खिच कर निकालते है.
अब इस वक़्त रिया सिर्फ़ नीचे से साड़ी लपेटे हुए थी बाकी कोई कपड़े उसके शरीर पर नही था.
फिर बाबा कुर्सी से उतरकर बेड पर बैठ जाते है. और फिर पालती मारकर आसान की मुद्रा मे बैठ जाते है. और रिया को बोलते है कि रिया आओ जल्दी से तुम मेरी जाँघो के उपर बैठ जाओ. रिया तुरंत बिना देर किए हुए साधु बाबा की गोद मे बैठ जाती है. थोड़ी देर ऐसे ही बैठने के बाद साधु बाबा रिया को अपनी साड़ी को उपर उठाकर यानी गान्ड को नंगी करके गोद मे बैठने को बोलते है. रिया भी तुरंत अपनी साड़ी को अपनी कमर तक उठा कर अपनी नंगी गान्ड से ही साधु बाबा की गोद मे बैठ जाती है . और इसी मुद्रा मे साधु बाबा का लंड उनकी धोती मे एकदम खड़ा हो कर रिया की चूत के उपर से रगड़ मार रहा था.
रिया की चूत से पानी बह रहा था और साधु बाबा कुछ मन्त्र पढ़ रहे थे. लेकिन रिया के मूह से तो सिसकारियाँ निकल रही थी और वो थोड़ा थोड़ा अपनी गान्ड को भी उपर नीचे कर रही थी. फिर बाबा मन्त्र बोलते हुए अपने हाथ रिया की चुचियों पर ले जाकर दबाने लगे. रिया को तो पूरा जोश आ गया था और अब वो अपने मूह से आवाज़े निकाले जा रही थी बाबा बचा लो मुझे आह ओह्ह ये क्या हो रहा है बाबा ऐसे ही बोलती हुई अपनी गान्ड को बाबा की गोद मे बैठ कर उनके लंड से टच कर उछाले जा रही थी. और बाबा रिया की चुचियों को बेतहासा दबाए जा रहे थे.दोस्तो ये कहानी आप चुनमुनियाडॉटकॉम पर पढ़ रहे हैं थोड़ी ही देर मे रिया की चूत से ढेर सारा पानी निकल गया और अब वो शांत हो चुकी थी. बाबा ने भी रिया की चुचियों से हाथ हटाकर उसको बेड पर लिटा दिया. रिया की चुचिया एकदम लाल सी हो गयी थी.
बाबा रिया की तरफ देखकर बोले बेटी अब भूत चला गया. कल रात को एक बड़ी पूजा करेंगे अब तुम आराम कर लो और हाँ इस बेड से नीचे मत उतरना.
रिया – ठीक है बाबा जैसा आप कहो. बाबा मुझे प्यास लगी है थोड़ा पानी दे दो..
बाबा- अच्छा अभी थोड़ी देर मे देता हूँ तुम अपनी साड़ी निकालकर सोना .
रिया ने तुरंत रज़ाई ओढी और रज़ाई के अंदर से अपनी साड़ी उतार कर फेक दी. रिया रज़ाई के अंदर एकदम नंगी लेटी हुई थी. फिर रिया बाबा से बोलती है कि बाबा थोड़ा पानी दे दो बहुत प्यास लगी है.
बाबा- अच्छा रिया अभी लाता हूँ.
साधु बाबा बेड से उठते है और सरिता( रिया की सास) को कहते है कि सरिता जी जाओ एक गिलास और पानी लेकर आओ.
सरिता बाबा की आवाज़ सुनते ही बेड से नीचे आती है और कमरे से जैसे ही बाहर को जाती है वो गिर जाती है ये सब उसके नशे की हालत मे होता है. साधु बाबा तुरंत सरिता के पास जाकर उसकी बाँह पकड़ कर उठाते है. और बोलते है लगता है तुम्हारी तबीयत ठीक नही है चलो मैं भी तुम्हारे साथ चलता हूँ. और रिया से बोलते है कि रिया बेटी मैं अभी तुम्हारे लिए पानी लेकर आता हूँ. और बाबा सरिता के गले मे हाथ डालकर कमरे से बाहर निकल जाते है. अब सरिता और साधु बाबा रसोई घर मे आ जाते है. सरिता तो नशे मे मदहोश थी. बाबा सरिता को बोलते है.
बाबा- सरिता जी तुम्हे ठंड नही लग रही,
सरिता- लग रही है बाबा लेकिन क्या करें हम ग़रीब है. कहाँ से मोटे कपड़े लाएँगे.
बाबा- चलो कल तुम पैसे वाली हो जाओगी. मैं तुम्हें कुछ उपाय बताउन्गा. चलो अब तुम गिलास मे पानी भरो.
सरिता एक गिलास लेकर उसमे पानी भरने लगती है और इधर बाबा अपनी कुर्ते की जेब से 2 सोने के सिक्के निकाल कर वही ज़मीन मे दबा देते है. और फिर वो सरिता के पास जाकर खड़े हो जाते है. सरिता गिलास मे पानी भर चुकी थी तो बाबा सरिता से पानी का गिलास लेकर नीचे रख देते है. और सरिता को अपनी गोदी मे उठा लेते है. सरिता तो आधे नशे मे होती है इसलिए उससे कुछ पता भी नही चलता कि बाबा क्या कर रहे है.
बाबा उसको अपनी गोदी मे उठाकर उसे वहीं ज़मीन पर बिठा देते है फिर सरिता को बोलते है कि चलो अपने घुटनो के बल खड़ी हो जाओ. सरिता भी नशे मे वैसे ही खड़ी हो जाती है और बाबा तुरंत अपनी धोती से अपने लंड निकाल कर सरिता के मूह के पास लाते है. और सरिता को मूह खोलने को बोलते है .सरिता जैसे ही अपना मूह खोलती है बाबा अपना लंड तुरंत उसके मूह के अंदर डाल देते है और फिर सरिता का सिर पकड़ कर अपने लंड से सरिता के मूह मे धक्के लगाए चले जाते है.थोड़ी देर के बाद बाबा अपना लंड सरिता के मूह से निकालते है. सरिता किसी कुतिया की तरह हाँफने लगती है और मूह से लार भी निकलती है.
बाबा सरिता को बोलते है चल मेरी रांड़ ज़रा अपनी साड़ी उठाकर अपनी गान्ड तो दिखा.
सरिता अपने दोनो हाथो से अपनी साड़ी उपर तक कर अपनी गान्ड को साधु बाबा की तरफ कर देती है. साधु बाबा सरिता की गान्ड देखकर एकदम पागल से हो जाते है और बोलते है अरे मेरी रंडी तेरी जैसी गान्ड तो तेरी बहू की भी नही है. गान्ड मरवाई है क्या तूने कभी.
सरिता- नही बाबा……
बाबा- फिर ऐसी गान्ड की मालकिन कैसे हो गई तू.
सरिता- बाबा ये तो अपनी किस्मत की बात है..
बाबा सरिता की गान्ड को अपने दोनो हाथो से पकड़ कर मसल्ते है और सरिता की गान्ड पर दो किस भी कर देते और फिर सरिता की चूत मे अपनी एक उंगली डालकर खचाखच पेलने लगते है सरिता भी मचलने लगती है. और थोड़ी ही देर मे पानी का फ़ुब्वारा अपनी चूत से निकालने लगती है ये देखकर साधु बाबा से भी बर्दास्त नही होता और फिर वो सरिता के मूह मे लंड डालकर पेलने लगते है. सरिता के मूह मे गच गच लंड पेलाइ से साधु बाबा पानी छोड़ देते है और सरिता के मूह के अंदर ही अपने अमृत गिरा देते है और सरिता से बोलते है कि पीजा साली..
सरिता तुरंत अपनी एक सांस मे गटक जाती है फिर बाबा सरिता को उठाकर उसे और पानी के गिलास को रिया के कमरे मे लाते है सरिता तो नशे मे सो ही गई थी. आख़िरकार उसकी उंगली से चुदाई जो हुई थी.
साधु बाबा रिया को बेड के किनारे पर सोने को बोलते है और दूसरे किनारे पर उसकी सास को सुला देते है.
फिर रिया को पानी देते है. रिया जैसे ही पानी पीने के लिए बैठती है उसकी चुचिया फिर बाबा को दिखने लगती है. रिया पानी पी लेती है और फिर बाबा दोनो के बीच मे लेट जाते है.दोस्तो ये कहानी आप चुनमुनियाडॉटकॉम पर पढ़ रहे हैं रिया तो अकेले रज़ाई मे सोई होती है. बाबा और सरिता दूसरी रज़ाई मे एक साथ सोते है. रज़ाई के अंदर साधु बाबा सरिता के ब्लाउस खोल कर उसकी चुचियों को अपने मूह से चूस्ते रहते है और अपना एक हाथ सरिता के पेट से उसकी साड़ी के अंदर डालकर उसकी चूत से खेलते खेलते सो जाते है…

Wednesday, 13 April 2016

काम है प्रेम का आधार


कामसूत्र... यह नाम सुनते ही आपके मन-मस्तिष्‍क में सबसे पहला शब्‍द आता होगा सेक्‍स। लेकिन, क्‍या कामसूत्र को केवल सेक्‍स से जोड़कर देखना ठीक होगा। शायद नहीं... कामसूत्र जीवनशैली के बारे में बात करती है, न सिर्फ केवल सेक्‍स के बारे में। इसमें बताया गया है कि जीवनशैली किस तरह सेक्‍स जीवन को प्रभावित करती है। 

आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी का असर वैवाहिक संबंधों पर भी पड़ा है। शारीरिक संसर्ग उत्‍साह और आनंद के लिए नहीं, अपितु केवल औपचारिकता के लिए किए जाने लगे हैं। तमाम सेक्‍स सर्वे इस  बात की पुष्टि करते हैं कि वैवाहिक जोड़ों में सेक्‍स के प्रति उदासीनता बढ़ती जा रही है। लेकिन, कामसूत्र के वास्‍तविक ज्ञान को अपने वैवाहिक जीवन में अपनाकर उसे हमेशा तरोताजा रखा जा सकता है।



महर्षि वात्‍स्‍यायन ने जो कामसूत्र ग्रंथ लिखा है उसमें केवल सेक्‍स पर चर्चा नही है। उसमें व्‍यक्ति की जीवनशैली, पति-पत्‍नी के कर्त्तव्‍य, सौंदर्य, आदि से जुड़े विषयों पर जानकारी है। सेक्‍स पर चर्चा को भले ही हमारे समाज में वर्जित माना जाता हो, लेकिन कामसूत्र इस विषय पर गहराई और गंभीरता से चर्चा करता है। और न केवल चर्चा करता है, बल्कि इसके महत्‍व के बारे में भी बताता है। अपनी विषय-परक जानकारी के चलते कामसूत्र दुनिया भर में पसंद की जाने वाली किताब है। इसमें काम यानी संभोग को ही जीवन का आधार माना गया है। 
कामसूत्र का अर्थ है सेक्‍स की सही जानकारी। सेक्‍स के बारे में समाज में व्‍याप्‍त मिथ और भ्रामक जानकारियों को दूर करने में भी कामसूत्र मदद करता है। कामसूत्र का मतलब केवल सेक्‍स संबंध ही जीवन नही है बल्कि पारिवारिक जीवन का सही तरीके से निर्वहन भी कामसूत्र है।
 कामसूत्र में स्त्री और पुरुष की शारीरिक संरचना और मनोविज्ञान पर भी विस्‍तार से चर्चा की गई है। इसमें बताया गया है कि प्रेम और संभोग किस तरह एक दूसरे पर आश्रित हैं। कामसूत्र सिखाता है कि प्रेम का आधार है संभोग और                                           संभोग का आधार है प्रेम। 

वात्‍स्‍यायन कहते हैं प्रेम केवल मन या दिल में नहीं पनपता। यह शरीर में भी होता है। कामसूत्र में उन्‍होंने बताया है कि यदि स्त्री-पुरुष एक दूसरे के शरीर से प्रेम नहीं करते तो मन, हृदय या आत्मा से प्रेम करना महत्‍वहीन है। प्रेम का आरंभ तो शरीर से ही होता है। पहले शरीर ही शरीर को देखता है। यदि पुरूष में पौरुषत्व है और स्‍त्री उसकी तरफ आकर्षित है तो एक दूसरे के मोहपाश से बचना असंभव है। 

सेक्‍स संबंध ही दाम्पत्य जीवन में सुख-शांति का आधार हैं। काम (सेक्‍स) के सम्मोहन के कारण ही स्त्री-पुरुष विवाह सूत्र में बंधने को तैयार होते हैं। कामसूत्र में काम (सेक्‍स संबंध बनाने के तरीके) के विभिन्‍न प्रकार के आसनों के बारे में भी बताया गया है। कामसूत्र का उद्देश्‍य उत्तेजित करना नहीं वरन् सेक्‍स और उससे जुड़े मुद्दों पर सही ज्ञान देना है। इसमें संभोग के हर पहलू को विस्‍तार से वर्णित किया गया है।

 कामसूत्र (Kamasutra Gyan) में बताया गया है कि महिलाओं को भी सेक्‍स संबंध और जीवनशैली की सभी कलाओं के बारे में जानकारी होनी चाहिए। कामसूत्र में महिलाओं को 64 कलाओं के बारे में जानकारी दी गई है। इन कलाओं में गायन, नृत्‍य आदि के बारे में वर्णन है। 

उम्र ढलने के साथ ही सेक्‍स संबंध बनाने की इच्‍छा कम होने लगती है। ऐसे में ध्‍यान और समाधि की जरूरत होती है। कामसूत्र (Kamsutra Kahani) संभोग से समाधि की जानकारी देता है। 

कामसूत्र (Kamasutra Book or PDF in Hindi) को पढ़ने से सेक्‍स को लेकर जो भी भ्रम है वो समाप्‍त हो जाते हैं। सेक्‍स संबंध बनाते वक्‍त आप जो गलतियां करते हैं इसे पढ़ने के बाद आप उन गलतियों को नही दोहराएंगे।

कामसूत्र के यह 10 'सूत्र'

स्त्रियों को रिझाने के लिए प्राचीन काल में लिखे गए सूत्र ही कारगर साबित होते हैं कामसूत्र में पुरुषों की ऐसी विशेषताओ का जिक्र किया गया है जिससे स्त्रियों को आकर्षित करने में सफल होते हैं. कामसुत्र के अनुसार जिस पुरुष को कामसूत्र के सूत्र का विस्‍तृत ज्ञान हो वह स्त्रियों को रिझाने में ज्यादा सफल होते हैं.

1. 'कामसूत्र' के मुताबिक पुरुषों को महत्‍वाकांक्षी और उत्‍साही होना चाहिए.

2 .साहसी और शूरवीर पुरुष हमेशा से ही महिलाओं को आकर्षित करने में सफल रहे हैं

3. विद्वता वह गुण है, जो पुरुषों में होनी चाहिए. 

4.पुरुषों को सभी विश्‍वासों और भावनाओं से परिचित होना चाहिए.

5. पुरुषों को कविता-कहानी सुनाने और वर्णन करने में कुशलता हासिल होनी चाहिए.

6..पुरुषों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे स्‍थायी रूप से प्रेम करें.

7. पुरुषों को त्‍यागी होना चाहिए और दूसरों की निंदा से बचना चाहिए.

8 शक्तिशाली पुरुष भी स्त्रियों के बीच पसंद किए जाते हैं. साथ ही महिलाओं के प्रति रहमदिल व्‍यवहार करने वाले पुरुष स्त्रियों के बीच प्रतिष्‍ठा पाते हैं.

9.  स्त्रियों के  मोहित न होने वाले पुरुष श्रेष्‍ठ माने जाते हैं.
 
10.शंकारहित होकर अपने काम को अंजाम देने वाले पुरुष भी स्त्रियों के दिल में जगह बना लेते हैं.


  
'कामसूत्र' में मन उत्तेजीत करने वाला नुस्‍खों का भी वर्णन मिलता है, लेकिन इनका प्रयोग किसी तजुर्बेकार व्‍यक्ति की देखरेख में ही किया जाना चाहिए.

Sunday, 13 March 2016

महिलाएं बिस्तर पर क्‍या चाहती हैं मर्द से ????




सेक्‍स संबंध बनाते वक्‍त महिलाएं किसी पुरुष से क्‍या चाहती हैं, यह हमेशा से ही शोध का विषय रहा है. इस पर पहले भी काफी कुछ लिखा जा चुका है. इसी मुद्दे पर ताजातरीन रिसर्च के नतीजे सामने आए हैं. सेक्‍स से जुड़े विषय के एक्‍सपर्ट्स के अलावा 700 से ज्‍यादा महिलाओं ने खुलकर अपने विचार व्‍यक्‍त किए हैं. महिलाएं बिस्‍तर पर क्‍या चाहती हैं मर्द से, जानिए वो 12 राज...
1. सिर्फ कामक्रीड़ा पर ही हो पूरा ध्‍यान
बिस्‍तर पर महिला पार्टनर की यौन-इच्‍छा को तृप्‍त करने के लिए सबसे जरूरी चीज है- ‘जज्‍बा’. सर्वे में शामिल करीब 42 फीसदी महिलाओं ने यह बात स्‍वीकार की है. महिलाएं कई तरीके से पुरुषों के प्‍यार को महसूस करती हैं, जिनमें सबसे ज्‍यादा इनका ध्‍यान खींचता है आपके मुंह से की गईं ‘शरारतें’. आंखों में आंखें डालकर प्‍यार जताना, होठों को संवेदनशील अंगों पर फिराना, किसी और तरीके से देह को छूना महिलाओं को भाता है. जीभ के अगले भाग से नाजुक अंगों का स्‍पर्श भी महिलाओं का मन मचलने के लिए काफी होता है.


2. फोरप्‍ले की अहमियत सबसे ज्‍यादा
कामक्रीड़ा का असली मजा सिर्फ चरम तक पहुंचने पर ही नहीं है, बल्कि इसके हर पल का भरपूर आनंद लेना चाहिए. फोरप्‍ले भी इसका अहम पार्ट है, जिसका अपना मजा है. सर्वे में शामिल महिलाओं ने माना कि फोरप्‍ले के दौरान होने वाली उत्तेजना एकदम अलग तरह की होती है. महिलाओं ने कहा कि पुरुषों को सेक्‍स के मामले में थोड़ा ‘क्रिएटिव’ होना चाहिए. कुछ नया और एकदम अलग अंदाज में किया जाना महिलाओं को खूब भाता है.
3. ‘आनंद’ व ‘संतुष्टि’ में फर्क है
किंसले इंस्टिट्यूट के शोध में यह पाया गया कि पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी यह माना कि उन्‍हें कंडोम के बिना यौन संबंध ज्‍यादा अच्‍छा लगता है. पर महिलाओं ने यह भी माना कि दरअसल संभोग के दौरान कंडोम का इस्‍तेमाल किए जाने पर उन्‍हें ज्‍यादा सुकून मिलता है. यह सुकून 'प्रोटेक्‍शन' को लेकर होता है. सर्वे में शामिल महिलाओं ने कहा कि कंडोम यौन रोगों से बचाव का यह कारगर तरीका है. इसके इस्‍तेमाल से महिलाएं खुलकर सेक्‍स का भरपूर मजा ले पाती हैं.

4. धीरे-धीरे, आराम से...
सभी महिलाएं यही चाहती हैं कि उसके बेहद कोमल अंगों को शुरुआती दौर में ज्‍यादा तकलीफ न दी जाए. महिलाएं पुरुषों से चाहती हैं कि वे उसके सेंसिटिव अंगों के साथ संवेदनशीलता से ही पेश आएं. मतलब यह कि संभोग के दौरान वे चाहे तो जीभ व उंगलियों का इस्‍तेमाल करके जरूरी उत्तेजना पैदा करें, पर कष्‍ट देने से बाज आएं.
5. वातावरण का भी पड़ता है असर
शोध के दौरान 50 फीसदी महिलाओं ने स्‍वीकार किया कि संभोग के दौरान अनुकूल मौसम व वातावरण न होने की वजह से वे चरम तक न पहुंच सकीं. महिलाओं ने माना कि दरअसल पुरुषों के ठंडे पांव की वजह से उन्‍हें ज्‍यादा तकलीफ होती है. डॉ. होल्‍सटेज ने कहा कि सेक्‍स के दौरान वातावरण भी काफी मायने रखता है. अगर कमरे का तापमान अनुकूल रहता है, तो यह सेक्‍स का मजा बढ़ा देता है.


6. सेक्‍स के दौरान पोजिशन का भी रखें खयाल
सेक्‍स संबंध बनाने के दौरान पोजिशन का भी खयाल रखना बेहद जरूरी होता है. स्‍त्री के निचले भाग को अगर दो-तीन तकियों के सहारे थोड़ा-सा और ऊपर उठाकर संभोग किया जाए, तो इससे संसर्ग ठीक से हो पाता है. वह स्थिति भी बेहतर होती है, जब स्‍त्री लेटे हुए पुरुष के ऊपर आकर संभोग करती है. इससे स्त्रियां ‘उन’ अंगों में ज्‍यादा उत्तेजना महसूस करती हैं.
एक और पोजिशन महिलाओं व पुरुषों को अच्‍छा लगता है, वह है ‘डॉगी स्‍टाइल’. मतलब, जिसमें स्‍त्री घुटनों और हाथों के बल खुद को संतुलित किए रहती है और पुरुष उसके ठीक पीछे जाकर संभोग करता है.

7. तरीके तो और भी हैं...
ऑस्‍ट्रेलियन सेक्‍स रिसर्चर जूलियट रिचटर्स कहती हैं कि सर्वे में शामिल पांच में से केवल एक महिला ने माना कि वे केवल एकदम नॉर्मल तरीके से किए गए संभोग से ही चरम तक पहुंच जाती हैं. ज्‍यादातर युवा महिलाओं का मानना था कि वे अपने पार्टनर से चाहती है कि वे सेक्‍स के दौरान अपने हाथ और मुंह का भी ज्‍यादा इस्‍तेमाल करें. उन्‍हें अपनी किताब के लिए 19 हजार लोगों पर किए गए सर्वे के दौरान इस तथ्‍य का पता चला.
90 फीसदी से ज्‍यादा महिलाओं ने माना कि वे केवल सेक्‍स के दौरान अपने पार्टनर द्वारा मुख का भी इस्‍तेमाल किए जाने के बाद चरम तक पहुंचती हैं.
रिसर्च में पाया गया कि जब कामक्रीड़ा आरामदायक तरीके से, धीरे-धीरे, पर लगातार किया जाता है, तो जोड़े चरम तक जल्‍दी पहुंच जाते हैं.

8. जल्‍दबाजी की, तो गए ‘काम’ से
सर्वे में शामिल महिलाओं में से केवल पचास फीसदी ने कहा कि वे 10 मिनट या इससे कम वक्‍त में ही चरम तक पहुंच जाती हैं. सेक्‍स मेडिसिन के एक जर्नल में प्रकाशित स्‍टडी के मुताबिक, सेक्‍स में जल्‍दबाजी दिखलाने पर पुरुष तो संतुष्‍ट हो जाते हैं, पर महिलाएं चरम तक नहीं पहुंच पाती हैं. ऐसे में पुरुषों की जिम्‍मेदारी होती है कि वे बिना हड़बड़ी दिखलाए अपनी पार्टनर को लंबे गेम में साथ लेकर चलें.
9. संवेदनशील अन्‍य अंगों को पहचानें
सेक्‍स पर शोध करने वालों ने पाया है कि केवल G-स्‍पॉट ही आनंद देने के लिए पर्याप्‍त नहीं है, बल्कि महिलाओं के शरीर में और भी ऐसे भाग हैं, जहां संवेदना ज्‍यादा होती है. इसमें A- स्‍पॉट भी शामिल है, जहां सहलाने से महिलाओं का शरीर यौन क्रिया के लिए शारीरिक रूप से तैयार हो पाता है. इस काम में उंगलियों की कारस्‍तानी काम आती है.
10. तैयारी को ठीक से परखें 
कोई स्‍त्री संभोग के लिए तैयार है या नहीं, यह परखने में भी कई बार भूल हो जाती है. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में लेक्‍चरर बरबरा कीसलिंग का मानना है कि सिर्फ बाहरी लक्षण से ही इसकी पहचान संभव नहीं है. इनकी नजर में ‘बटरफ्लाई पोजिशन’ सबसे ज्‍यादा बेहतर है.
11. ‘कीमत’ तो अदा करनी ही पड़ती है... 
अगर महिला अपने थकाऊ काम या नींद की कमी की वजह से परेशान है, तो इसक स्थिति में वह मुश्किल से उत्तेजित होती है. ऐसे में पुरुषों की जिम्‍मेदारी बढ़ जाती है. पुरुषों को चाहिए कि वे व्‍यंजन पकाने या कपड़े धोने आदि काम में इनकी मदद करें. सर्वे में शामिल महिलाओं ने माना कि ऐसी स्थिति में जब पुरुष उनके काम में मदद करते हैं कि उन्‍हें बेहतर एहसास होता है.


12. जरूरी नहीं कि हर बार चरम तक पहुंचा ही जाए
महिला हर बार चरम तक पहुंच ही जाए, यह कोई जरूरी नहीं है. कई बार तनाव व थकान की वजह से ऐसा नहीं हो पाता. ऐसे में जबरन आधे घंटे तक ‘खेल’ जारी रखने की बजाए इसे खत्‍म करना बेहतर रहता है. चरम तक न ले जाने के लिए हर बार पुरुष ही जिम्‍मेदार नहीं होता. फिर भी अगर महिला चाहे, तो आप अपने हाथों और उंगलियों से उसे संतुष्‍ट कर सकते हैं. कुल मिलाकर इस क्रीड़ा का आनंद ही मायने रखता है.